यह एक प्रेरणा देने वाली कहानी है, जो हमें परिश्रम (मेहनत) और अच्छे मूल्यों का महत्व सिखाती है। कहानी बताती है कि जो व्यक्ति लगन से, बिना हार माने अपना काम करता है, उसे अंत में अच्छा फल और सम्मान मिलता है। इस पाठ में हम सीखेंगे कहानी का मुख्य भाव और सीख, पात्र के अच्छे गुण, और साथ में कुछ मुहावरे। मूल कहानी यहाँ नहीं दी गई; हम उसका भाव और कौशल अपने उदाहरणों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप करके अर्थ देखिए।
तनिक खेलिए
इस कहानी से जुड़े कुछ ख़ास शब्द और भाव नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए — परिश्रम, मूल्य, लगन, पात्र, सीख और मुहावरा।
सीखिए
हल किया उदाहरण। छोटी कहानी: "मीना रोज़ खेत में अपनी माँ का हाथ बँटाती और शाम को पढ़ाई भी करती। परीक्षा में वह सबसे आगे रही।" — मीना के गुण पहचानिए।
परिश्रम — खेत में काम करना।
मदद का भाव — माँ का हाथ बँटाना।
लगन — थककर भी पढ़ाई करना, और इसी से सफलता।
यह कहाँ काम आता है
घर के छोटे-छोटे कामों में माँ-पिता का हाथ बँटाइए और स्कूल में दोस्तों की मदद कीजिए। थोड़ी-थोड़ी मेहनत की आदत आगे चलकर बड़ी सफलता की नींव बनती है।
किसान, सफ़ाईकर्मी, बढ़ई, माली — सब अपनी मेहनत से हमारी ज़िंदगी आसान बनाते हैं। उनके परिश्रम को पहचानना और आदर देना भी एक बड़ा मूल्य है।
स्वयं जाँचिए
अर्थ, भाव, शब्दार्थ और मुख्य विचार पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप कहानी को कितना समझ पाए, सिर्फ़ याद नहीं।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। कहानी सुंदरिया NCERT कक्षा 5 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।