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कक्षा 5/ हिंदी/ न्याय की कुर्सी
पाठ 2 · NCERT कक्षा 5 वीणा

न्याय की कुर्सी

यह एक सुंदर कहानी है जो हमें न्याय और ईमानदारी का मतलब सिखाती है। 'न्याय की कुर्सी' वह जगह है जहाँ बैठकर कोई सच्चाई के आधार पर सही फैसला करता है — बिना किसी का पक्ष लिए। इस पाठ में हम सीखेंगे कहानी का मुख्य विचार और उसकी सीख, और साथ ही कहानी पढ़ने का कौशल — पात्र, घटनाक्रम और विलोम शब्द। मूल कहानी यहाँ नहीं दी गई; हम सिर्फ़ उसके पीछे के भाव और कौशल को अपने उदाहरणों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप करके अर्थ देखिए।

👥 3 विषय⏱ ~20 मिनट📝 10 प्रश्न
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तनिक खेलिए

कहानी के शब्द और भाव

इस कहानी से जुड़े कुछ ख़ास शब्द और भाव नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए — न्याय, ईमानदारी, पात्र, घटनाक्रम, सीख और विलोम शब्द।

खोजिए · शब्द और भावकिसी शब्द पर टैप करें

सीखिए

तीन बड़ी बातें

  • न्याय सबके लिए बराबर — सच्चा न्याय अमीर-गरीब, बड़े-छोटे में फ़र्क नहीं करता। 'न्याय की कुर्सी' इसी निष्पक्षता का प्रतीक है।
  • ईमानदारी सबसे बड़ा गुण — जो सच बोलता है और किसी की चीज़ नहीं लेता, उसे ही सच्चा न्याय भी मिलता है। कहानी बताती है कि ईमानदारी अंत में जीतती है।
  • सच छिप नहीं सकता — कुछ देर के लिए झूठ चल सकता है, पर सच्चाई आख़िर सामने आ ही जाती है — यही कहानी का दिल है।
  • पात्र पहचानिए — पूछिए: कहानी में कौन-कौन है? कौन अच्छा काम करता है, कौन गलत? पात्रों के काम से ही कहानी आगे बढ़ती है।
  • घटनाक्रम जोड़िए — आरंभ में क्या हुआ, फिर बीच में क्या मोड़ आया, और अंत में कैसे बात सुलझी — इसी क्रम से कहानी पूरी समझ आती है।
  • सीख खोजिए — हर कहानी कुछ सिखाती है। ख़ुद से पूछिए: "इससे मुझे क्या सीख मिली?" — यही कहानी की असली कमाई है।

हल किया उदाहरण। छोटी कहानी: "रवि को मैदान में ₹100 का नोट मिला। उसने सोचा यह किसी का गिरा होगा, और सीधे शिक्षक को दे दिया। शिक्षक ने उसकी ईमानदारी की प्रशंसा की।"

पात्र — रवि और शिक्षक।

घटनाक्रम — नोट मिला → रवि ने सोचा → शिक्षक को लौटाया → प्रशंसा मिली।

सीख — ईमानदारी से किया काम हमेशा सराहा जाता है।

  • विलोम क्या है — जिन दो शब्दों का अर्थ एक-दूसरे का उल्टा हो, वे विलोम कहलाते हैं। इस कहानी के भाव से जुड़े कुछ जोड़े: न्याय – अन्याय, सच – झूठ, अच्छा – बुरा, हार – जीत
  • विलोम क्यों सीखें — विलोम जानने से शब्द-भंडार बढ़ता है और हम अपनी बात को साफ़-साफ़ कह पाते हैं। जैसे — "उसने अन्याय नहीं, न्याय किया।"
आम भूल: विलोम और समानार्थी (एक जैसे अर्थ वाले) शब्द में उलझ मत जाइए। सच का विलोम झूठ है (उल्टा अर्थ), जबकि सच का समानार्थी सत्य है (एक जैसा अर्थ)। हमेशा पूछिए — अर्थ उल्टा है या एक जैसा?

यह कहाँ काम आता है

न्याय और ईमानदारी, रोज़ के जीवन में

घर और स्कूल में न्याय

जब दो दोस्तों में झगड़ा हो, तो अच्छा फैसला वह होता है जो दोनों की बात सुनकर किया जाए — किसी एक का पक्ष लेकर नहीं। खेल में भी निष्पक्ष होना (बेईमानी न करना) न्याय का ही रूप है।

रोज़ की ईमानदारी

किसी की गिरी हुई चीज़ लौटाना, गलती होने पर सच बोल देना, परीक्षा में नकल न करना — ये छोटी-छोटी ईमानदारी ही बड़ा चरित्र बनाती है। कहानी यही सीख जीवन से जोड़ती है।

स्वयं जाँचिए

स्वमूल्यांकन प्रश्नोत्तरी

अर्थ, भाव, शब्दार्थ और मुख्य विचार पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप कहानी को कितना समझ पाए, सिर्फ़ याद नहीं।

अंक 0/10

सभी उदाहरण मौलिक हैं। कहानी न्याय की कुर्सी NCERT कक्षा 5 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।

BuffyBuffyyour study buddy
Buffy
नमस्ते! 'न्याय की कुर्सी' कहानी के बारे में मुझसे पूछिए — किसी शब्द का अर्थ, न्याय और ईमानदारी का भाव, कहानी की सीख, या पात्र-घटनाक्रम और विलोम शब्द क्या होते हैं। मैं अपने उदाहरणों से समझाऊँगी।

Buffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।

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