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कक्षा 5/ हिंदी/ हमारे ये कलामंदिर
पाठ 11 · NCERT कक्षा 5 वीणा

हमारे ये कलामंदिर

भारत के प्राचीन मंदिर सिर्फ़ पूजा-स्थल नहीं, बल्कि कला के मंदिर हैं — पत्थर पर बारीक नक्काशी, सजीव मूर्तियाँ और भव्य स्थापत्य। यह सूचनात्मक पाठ हमें बताता है कि हमारे पूर्वज कितने कुशल कारीगर थे और ये मंदिर हमारी सांस्कृतिक धरोहर कैसे हैं। इस पाठ में हम कला, स्थापत्य, मूर्तिकला और धरोहर के अर्थ सीखेंगे और सूचनात्मक पाठ से मुख्य बातें निकालना समझेंगे। सभी उदाहरण मौलिक हैं। हर शब्द को छूकर उसका अर्थ देखो।

👥 3 विषय⏱ ~20 मिनट📝 10 प्रश्न
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तनिक खेलिए

कला और धरोहर की भाषा

कला, मंदिर-स्थापत्य और धरोहर से जुड़े कुछ शब्द हैं। हर शब्द को छूकर देखो कि उसका क्या अर्थ है और हमारे कलामंदिरों में ये विचार आपस में कैसे जुड़ते हैं।

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सीखिए

तीन बड़े विचार

  • कला — सुंदरता रचने का हुनर — चित्र, मूर्ति, नृत्य, संगीत। मंदिरों में यह कला पत्थर पर उतरी है।
  • स्थापत्य — इमारतें बनाने की कला: कैसा ढाँचा हो, कितना ऊँचा-मज़बूत-सुंदर। इसे वास्तुकला भी कहते हैं।
  • कलामंदिर — हमारे प्राचीन मंदिर कला और स्थापत्य का संगम हैं — इसीलिए वे “कला के मंदिर” कहलाते हैं।
  • हाथ का कमाल — ये सब बिना आज की मशीनों के, सिर्फ़ छेनी-हथौड़ी और गहरी कुशलता से बना — यही इन्हें अनोखा बनाता है।
  • शिखर — उत्तर भारत के मंदिरों के ऊपर उठा हुआ ऊँचा कलश-नुमा भागगोपुरम — दक्षिण भारत के मंदिरों का ऊँचा, मूर्तियों से सजा प्रवेश-द्वार (जैसे मदुरै में)।
  • स्तंभ और मंडप — नक्काशीदार खंभों पर टिके बड़े हॉल, जहाँ हर पत्थर पर बारीक सजावट होती है।
  • मूर्तिकला — दीवारों पर देव-देवियों, पशु-पक्षियों और कथाओं की सजीव मूर्तियाँ

उदाहरण से समझें। भारत के कुछ विश्व-प्रसिद्ध कलामंदिर —

कोणार्क (ओडिशा) — सूर्य मंदिर एक विशाल रथ के रूप में, पत्थर के पहियों-घोड़ों के साथ।

खजुराहो (मध्य प्रदेश) — दीवारों पर बेहद बारीक और सजीव मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध।

हम्पी (कर्नाटक) — पत्थर के मंदिर और प्रसिद्ध पत्थर का रथ।

ये सब विश्व-धरोहर स्थल हैं — पूरी दुनिया के लिए अनमोल।

आम भूल: “शिखर” और “गोपुरम” को एक मत समझो। शिखर मंदिर के मुख्य भाग के ऊपर उठा भाग है (अधिकतर उत्तर भारत), जबकि गोपुरम मंदिर का ऊँचा प्रवेश-द्वार है (अधिकतर दक्षिण भारत)।
  • धरोहर — पूर्वजों से मिली अनमोल विरासत — मंदिर, किले, कला, भाषा। यह बिकती नहीं, सँभाली जाती है।
  • संस्कृति — किसी समाज का रहन-सहन, कला, रीति-रिवाज़ और विचार। मंदिर हमारी संस्कृति की जीवित निशानी हैं।
  • क्यों सँभालें — ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने पूर्वजों की कला और इतिहास देख सकें, और हमारी पहचान बनी रहे।
  • हमारी भूमिका — स्मारकों पर न लिखना, गंदगी न फैलाना, उन्हें साफ़-सुरक्षित रखना — यही धरोहर का सम्मान है।

यह कहाँ काम आता है

कला और धरोहर, जीवन में

यात्रा और दर्शन

जब तुम किसी मंदिर, किले या स्मारक की सैर पर जाओ, तो स्थापत्य की खूबियाँ — शिखर, स्तंभ, नक्काशी — पहचानने की कोशिश करो। तब हर इमारत एक कहानी सुनाती लगेगी।

अपनी कला

इन कलामंदिरों से प्रेरणा लेकर तुम चित्र बना सकते हो, मिट्टी की मूर्ति गढ़ सकते हो या किसी इमारत का मॉडल बना सकते हो — कला हर किसी के भीतर है।

धरोहर का रक्षक

स्मारकों को साफ़ और सुरक्षित रखना, दूसरों को भी यह सिखाना — इस तरह तुम भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर के छोटे-से रक्षक बन सकते हो।

स्वयं जाँचें

स्वमूल्यांकन प्रश्नोत्तरी

योग्यता-आधारित प्रश्न — अधिकतर बहुविकल्पीय, साथ में कथन–कारण और एक छोटा प्रसंग — जो शब्दार्थ, भाव और मुख्य विचार को समझकर इस्तेमाल करने की परख करते हैं।

अंक 0/10

अभ्यास के सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ “हमारे ये कलामंदिर” (NCERT वीणा) का केवल नाम लिया गया है, मूल पाठ नहीं दोहराया गया।

BuffyBuffyyour study buddy
Buffy
नमस्ते! मुझसे पूछो कि कला और स्थापत्य का अर्थ क्या है, शिखर और गोपुरम में फर्क, मूर्तिकला व नक्काशी क्या होती है, धरोहर क्यों सँभालें, या किसी शब्द का अर्थ। मैं अपने मौलिक उदाहरणों से समझाऊँगी।

Buffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।

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