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कक्षा 5/ हिंदी/ गंगा की कहानी
पाठ 12 · NCERT कक्षा 5 वीणा

गंगा की कहानी

गंगा सिर्फ़ एक नदी नहीं, करोड़ों लोगों के जीवन की कहानी है। हिमालय से निकलकर मैदानों को सींचती हुई वह बंगाल की खाड़ी तक का लंबा सफ़र तय करती है। यह सूचनात्मक पाठ हमें गंगा का भूगोल, उसका पर्यावरण से नाता और हमारी संस्कृति में उसकी जगह बताता है — और यह भी कि उसे साफ़ रखना क्यों ज़रूरी है। इस पाठ में हम सूचनात्मक पाठ से मुख्य बातें पकड़ना सीखेंगे। सभी उदाहरण मौलिक हैं। हर शब्द को छूकर उसका अर्थ देखो।

👥 3 विषय⏱ ~20 मिनट📝 10 प्रश्न
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तनिक खेलिए

नदी और पर्यावरण की भाषा

नदी, भूगोल और पर्यावरण से जुड़े कुछ शब्द हैं। हर शब्द को छूकर देखो कि उसका क्या अर्थ है और गंगा की कहानी में ये विचार आपस में कैसे जुड़ते हैं।

एक्सप्लोर · नदी के शब्दकिसी शब्द को छुओ

सीखिए

तीन बड़े विचार

  • उद्गम — गंगा हिमालय में गंगोत्री हिमनद (गोमुख) से एक पतली धारा के रूप में निकलती है।
  • मैदानों में — फिर वह हरिद्वार के पास मैदानों में उतरती है और चौड़ी होती हुई उत्तर भारत के विशाल मैदानों को सींचती है।
  • सहायक नदियाँ — रास्ते में कई नदियाँ उसमें आ मिलती हैं; यमुना उसकी प्रसिद्ध सहायक नदी है (संगम प्रयागराज में)।
  • सागर तक — अंत में लंबा सफ़र तय करके गंगा पूर्व में बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है।
  • जीवन-रेखा — नदी पीने का पानी, खेती की सिंचाई और मछलियों समेत अनेक जीवों को जीवन देती है — इसीलिए उसे “जीवन-रेखा” कहते हैं।
  • उपजाऊ मैदान — नदी अपने साथ बहाकर लाई बारीक मिट्टी (जलोढ़) से किनारे की ज़मीन उपजाऊ बना देती है, जहाँ खूब फ़सल होती है।
  • पूरा संसार — नदी के इर्द-गिर्द पेड़, पक्षी, मछलियाँ और जीव-जंतुओं का एक पूरा पर्यावरण पलता है।

उदाहरण से समझें। गंगा का जल किस-किस के काम आता है?

घर — पीने और रोज़मर्रा के काम के लिए पानी।

खेत — फ़सलों की सिंचाई, जिससे अनाज उगता है।

जीव — मछलियों और किनारे के पशु-पक्षियों का घर।

एक ही नदी से इतने सारे जीवन जुड़े हैं — इसीलिए उसकी सफ़ाई सबकी ज़िम्मेदारी है।

आम भूल: “उद्गम” और “मुहाना” को उलट मत दो। उद्गम वह जगह है जहाँ से नदी निकलती है (हिमालय), और मुहाना वह जगह जहाँ वह समुद्र में जा मिलती है (बंगाल की खाड़ी)।
  • संस्कृति में गंगा — सदियों से गंगा के किनारे शहर बसे, मेले लगे और जीवन फला — लोग उसे प्यार और सम्मान से “गंगा माँ” कहते हैं।
  • किनारे के शहरहरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी, पटना जैसे अनेक नगर गंगा के किनारे बसे हैं।
  • प्रदूषण की चुनौती — कचरा और गंदा पानी नदी को प्रदूषित कर देते हैं, जिससे जल और जीव दोनों को नुकसान होता है।
  • हमारी ज़िम्मेदारी — नदी में कचरा न डालना, दूसरों को रोकना और सफ़ाई-अभियानों का साथ देना — यही गंगा का सच्चा सम्मान है।

यह कहाँ काम आता है

नदी और पर्यावरण, जीवन में

पानी की कद्र

नदी की कहानी पढ़कर हम समझते हैं कि जल कितना अनमोल है। नल बंद रखना, पानी बर्बाद न करना — ये छोटे काम भी हर नदी और झील का सम्मान हैं।

अपने इलाके की नदी

अपने शहर या गाँव के पास की नदी, तालाब या नहर के बारे में जानो — वह कहाँ से आती है, किसके काम आती है। तब भूगोल किताब से निकलकर अपने आसपास दिखने लगता है।

स्वच्छता-अभियान

नदी-किनारे या मोहल्ले में सफ़ाई-अभियान में हिस्सा लेना, कचरा सही जगह डालना और दूसरों को जागरूक करना — इस तरह तुम पर्यावरण के नन्हे रक्षक बनते हो।

स्वयं जाँचें

स्वमूल्यांकन प्रश्नोत्तरी

योग्यता-आधारित प्रश्न — अधिकतर बहुविकल्पीय, साथ में कथन–कारण और एक छोटा प्रसंग — जो शब्दार्थ, भाव और मुख्य विचार को समझकर इस्तेमाल करने की परख करते हैं।

अंक 0/10

अभ्यास के सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ “गंगा की कहानी” (NCERT वीणा) का केवल नाम लिया गया है, मूल पाठ नहीं दोहराया गया।

BuffyBuffyyour study buddy
Buffy
नमस्ते! मुझसे पूछो कि नदी का उद्गम और मुहाना क्या होता है, सहायक नदी किसे कहते हैं, गंगा हमारे पर्यावरण और संस्कृति के लिए क्यों ज़रूरी है, प्रदूषण से उसे कैसे बचाएँ, या किसी शब्द का अर्थ। मैं अपने मौलिक उदाहरणों से समझाऊँगी।

Buffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।

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