यह एक मज़ेदार और समझदारी भरी कहानी है, जिसमें एक चतुर चित्रकार अपनी बुद्धिमानी और हाज़िरजवाबी से मुश्किल हालात को आसानी से हल कर देता है। कहानी बताती है कि कई बार ताक़त से नहीं, बल्कि सूझबूझ से बड़ी-बड़ी समस्याएँ सुलझ जाती हैं। इस पाठ में हम सीखेंगे कहानी का मुख्य विचार और सीख, और साथ में भाषा-कौशल — समानार्थी शब्द और कहावतें। मूल कहानी यहाँ नहीं दी गई; हम उसका भाव और कौशल अपने उदाहरणों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप करके अर्थ देखिए।
तनिक खेलिए
इस कहानी से जुड़े कुछ ख़ास शब्द और भाव नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए — चतुर, चित्रकार, बुद्धिमानी, हाज़िरजवाबी, सीख और कहावत।
सीखिए
हल किया उदाहरण। छोटी कहानी: "राजा ने पूछा — 'सबसे बहुमूल्य चीज़ क्या है?' एक चित्रकार ने तुरंत कहा — 'समय, महाराज, क्योंकि बीता समय किसी क़ीमत पर वापस नहीं आता।' राजा मुस्कुरा उठे।"
समस्या — राजा का कठिन सवाल।
चतुर हल (हाज़िरजवाबी) — चित्रकार का तुरंत, गहरा और सही उत्तर।
सीख — समझदारी भरा जवाब हर किसी का मन जीत लेता है।
यह कहाँ काम आता है
जब कोई समस्या आए — दोस्तों में अनबन हो या कोई काम अटक जाए — तो गुस्सा करने के बजाय रुककर सोचिए: "इसका शांत और समझदारी भरा हल क्या है?" यही चतुर चित्रकार वाली बुद्धिमानी है।
पहेलियाँ बूझना, चुटकुले सुनना-सुनाना और सवालों के चतुर जवाब सोचना — ये सब हाज़िरजवाबी बढ़ाते हैं। जितना अभ्यास, उतनी तेज़ सूझबूझ।
स्वयं जाँचिए
अर्थ, भाव, शब्दार्थ और मुख्य विचार पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप कहानी को कितना समझ पाए, सिर्फ़ याद नहीं।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। कहानी चतुर चित्रकार NCERT कक्षा 5 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।