शतरंज सोच-समझकर खेलने वाला खेल है। कहानी में एक खिलाड़ी अपनी सही चाल और युक्ति से सामने वाले को मात दे देता है। इस पाठ में हम सीखेंगे कि सोच-समझकर कदम उठाना, धैर्य रखना और एकाग्रता क्यों ज़रूरी है — खेल में भी और जीवन में भी। मूल कहानी यहाँ नहीं दी गई; भाव अपने उदाहरणों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप कीजिए।
तनिक खेलिए
इस कहानी से जुड़े कुछ ख़ास शब्द नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए।
सीखिए
हल किया उदाहरण। परीक्षा में पहले कौन-सा सवाल करें — कठिन या आसान?
युक्ति यह है कि पहले आसान सवाल करें, फिर कठिन — ताकि समय बचे और घबराहट न हो। यही ‘सोच-समझकर कदम’ है।
यह कहाँ काम आता है
कोई काम या सवाल हाथ में आए तो जल्दबाज़ी न करें — एक पल रुककर सोचें कि सबसे अच्छा तरीका क्या है। यही ‘युक्ति’ है।
कोई काम करते समय थोड़ी देर पूरा ध्यान सिर्फ़ उसी पर लगाइए। यह एकाग्रता बढ़ाता है, जो पढ़ाई और खेल दोनों में मदद करती है।
स्वयं जाँचिए
युक्ति, धैर्य, एकाग्रता और शब्दार्थ पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप कहानी को कितना समझ पाए।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ शतरंज में मात NCERT कक्षा 4 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।