एक चालाक व्यापारी चमकते नकली हीरे बेचकर लोगों को ठगना चाहता था। पर एक समझदार पात्र ने अपनी चतुराई से असली-नकली की परख कर ली और सबको बचा लिया। इस कहानी में हम सीखेंगे लालच कैसे मुसीबत लाता है, असली और नकली में फर्क कैसे करें, और कहानी के पात्र व सीख। मूल कहानी यहाँ नहीं दी गई; भाव अपने उदाहरणों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप कीजिए।
तनिक खेलिए
इस कहानी से जुड़े कुछ ख़ास शब्द नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए।
सीखिए
हल किया उदाहरण। कोई कहे — “यह महँगा खिलौना आज बिलकुल मुफ़्त, पर अभी पैसे दो!” तुम क्या करोगे?
रुककर सोचूँगा — मुफ़्त के लिए पैसे क्यों? यह लालच में फँसाने का जाल है। पहले किसी बड़े से पूछूँगा।
यह कहाँ काम आता है
कोई बहुत बड़ा इनाम या मुफ़्त चीज़ का लालच दे, तो सावधान रहिए और किसी बड़े को बताइए। सच्ची चीज़ें मुफ़्त के झाँसे नहीं देतीं।
कोई सामान खरीदते समय सिर्फ़ चमक नहीं, उसकी असलियत और काम देखिए। ‘परखकर लेना’ अच्छी आदत है।
स्वयं जाँचिए
चतुराई, लालच, परख और शब्दार्थ पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप कहानी को कितना समझ पाए।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। कहानी नकली हीरे NCERT कक्षा 4 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।