आदित्य का अर्थ है सूर्य — हमारा सबसे बड़ा और प्यारा दोस्त! सूर्य हमें प्रकाश और ऊष्मा (गर्मी) देता है, जिनके बिना पेड़-पौधे, जीव और हम ज़िंदा नहीं रह सकते। इस पाठ में हम सीखेंगे सूर्य का महत्त्व, दिन-रात कैसे बनते हैं, और जानकारी वाले पाठ को कैसे पढ़ें। मूल पाठ यहाँ नहीं दिया गया; हम विषय को अपने उदाहरणों और सामान्य तथ्यों से समझेंगे। नीचे किसी शब्द पर टैप कीजिए।
तनिक खेलिए
इस पाठ से जुड़े कुछ ख़ास शब्द नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए।
सीखिए
हल किया उदाहरण। सुबह सूरज पूरब से और शाम को पश्चिम में दिखता है — ऐसा क्यों लगता है?
धरती के घूमने के कारण ही सूर्य का स्थान बदलता-सा दिखता है, जिससे सुबह-शाम का अनुभव होता है।
यह कहाँ काम आता है
सुबह की हल्की धूप सेहत के लिए अच्छी होती है, और धूप में कपड़े जल्दी सूखते हैं। सोचिए, सूर्य रोज़ हमारे कितने काम आता है।
एक गेंद को धरती मानकर टॉर्च (सूर्य) के सामने धीरे-धीरे घुमाइए — जो हिस्सा रोशनी में है वहाँ ‘दिन’, पीछे ‘रात’। इस तरह दिन-रात समझिए।
स्वयं जाँचिए
सूर्य का महत्त्व, दिन-रात, संज्ञा और शब्दार्थ पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आप जानकारी कितना समझ पाए।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ हमारा आदित्य NCERT कक्षा 4 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।