तिम्मक्का जी को प्यार से पेड़ों की अम्मा कहा जाता है। कर्नाटक की इस बुज़ुर्ग महिला ने सड़क के किनारे सैकड़ों बरगद के पेड़ लगाए और उन्हें अपने बच्चों की तरह पाला। उनकी सेवा से धरती और हरी-भरी हुई। इस पाठ में हम सीखेंगे उनके काम की कहानी, पेड़ों की देखभाल और सेवा की प्रेरणा। नीचे किसी शब्द पर टैप करके अर्थ देखिए।
तनिक खेलिए
इस पाठ से जुड़े कुछ ख़ास शब्द नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए — तिम्मक्का, पर्यावरण, बरगद, देखभाल, सेवा और प्रेरणा।
सीखिए
हल किया उदाहरण। एक पौधे को बड़ा पेड़ बनने के लिए सबसे ज़रूरी क्या है?
सही — नियमित पानी, धूप और देखभाल।
क्यों — तिम्मक्का जी ने भी सालों तक देखभाल की, तभी पेड़ बड़े हुए।
यह कहाँ काम आता है
घर या स्कूल में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का ज़िम्मा लीजिए। उसे रोज़ पानी देकर बड़ा होते देखिए।
पेड़ों को मत काटिए या जलाइए। दूसरों को भी पेड़ लगाने और बचाने के लिए कहिए — यही सच्ची सेवा है।
स्वयं जाँचिए
अर्थ, भाव, शब्द और मुख्य विचार पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आपने पाठ को कितना समझा, सिर्फ़ याद नहीं।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ पेड़ों की अम्मा – तिम्मक्का NCERT कक्षा 3 हिंदी पुस्तक वीणा में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।