यह एक बहुत प्यारी कविता है, जो लोरी जैसी मीठी लगती है। इसमें रात के आसमान में चमकते चंदा को प्यार से अपना मामा कहा गया है। उसके साथ ढेर सारे तारे टिमटिमाते हैं और चाँदनी चारों ओर फैल जाती है। इस पाठ में हम सीखेंगे कविता का भाव, तुक वाले शब्द और एक प्यारी बात — चाँद को अपना मानना। नीचे किसी शब्द पर टैप करके उसका अर्थ देखिए।
तनिक खेलिए
इस प्यारी कविता से जुड़े कुछ ख़ास शब्द नीचे हैं। किसी पर टैप कीजिए और उसका अर्थ देखिए — चंदा, मामा, आसमान, तारे, रात और चाँदनी।
सीखिए
हल किया उदाहरण। बताइए, ‘तारे’ की तुक किस शब्द से मिलती है: (क) फूल (ख) प्यारे (ग) पानी
(क) फूल — अंत ‘-ूल’, तुक नहीं मिलती।
(ख) प्यारे — अंत ‘-ारे’, बिल्कुल ‘तारे’ जैसा — तुक मिलती है!
(ग) पानी — अंत ‘-ानी’, तुक नहीं मिलती।
तो ‘तारे’ की तुक ‘प्यारे’ से मिलती है।
यह कहाँ काम आता है
किसी साफ़ रात को बड़ों के साथ चाँद को देखिए। आज वह पूरा गोल है या आधा? तारे गिनने की कोशिश कीजिए। फिर अपने मन की बात चंदा मामा से कहिए!
‘तारे – प्यारे’ या ‘रात – बात’ जैसी तुक लेकर दो छोटी मीठी पंक्तियाँ बनाइए। फिर उन्हें लोरी की तरह गुनगुनाइए — आपकी अपनी नन्ही कविता तैयार!
स्वयं जाँचिए
कविता का भाव, तुक वाले शब्द और चाँद को ‘मामा’ कहने पर आधारित सरल प्रश्न — ये जाँचते हैं कि आपने पाठ को कितना समझा।
सभी उदाहरण मौलिक हैं। पाठ चंदा मामा NCERT कक्षा 2 हिंदी पुस्तक सारंगी में है (ncert.nic.in); उसका मूल पाठ यहाँ नहीं दोहराया गया।
Buffyyour study buddyBuffy एक AI सहायक है और गलत हो सकती है — अपनी NCERT पुस्तक अवश्य देखें।